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प्राइमरी शिक्षाअपडेट: July 23, 2026

पहली कक्षा से पहले बच्चे को क्या सिखाएं — ज्यादातर पेरेंट्स की सबसे बड़ी गलती

स्कूल जाने से पहले बच्चे को क्या आना चाहिए? ज्यादातर पेरेंट्स A, B, C, D रटवाते हैं — लेकिन असली जरूरत कुछ और है। जानें सही उम्र में क्या सिखाएं।

23 जुलाई 2026, शाम 8 बजकर 00 मिनट|4 मिनट|अपडेटेड: July 23, 2026

मुख्य बातें

  • बच्चे को स्कूल कब भेजें - 3-4 साल की उम्र में नर्सरी में भेज सकते हैं। लेकिन बच्चा मानसिक रूप से तैयार हो ...
  • A, B, C कब सिखाएं - 4-5 साल की उम्र में शुरू कर सकते हैं, लेकिन जबरदस्ती नहीं। खेल-खेल में सिखाएं। अ...
  • क्या मोबाइल पर एजुकेशनल वीडियो दिखाएं - 15-20 मिनट से ज्यादा नहीं। स्क्रीन टाइम बच्चे की ध्यान क्षमता कम करता है। असली द...
  • बच्चा स्कूल में रोता है तो क्या करें - ये सामान्य है। पहले 2-3 हफ्ते रो सकता है। धीरे-धीरे आदत पड़ जाएगी। बच्चे को डराए...

"मेरा बच्चा 4 साल का है। A से Z तक बोल लेता है। 1 से 100 तक गिन लेता है। स्कूल के लिए तैयार है न?"

ज्यादातर पेरेंट्स यही सोचते हैं कि अगर बच्चा A, B, C, D बोल ले और नंबर गिन ले, तो स्कूल के लिए तैयार है। लेकिन सच कुछ और है।

स्कूल में बच्चे को सिर्फ अक्षर और नंबर की जरूरत नहीं होती। उसे सुनना, बोलना, बैठना, और सोचना आना चाहिए। और ये चीजें A, B, C रटने से नहीं आतीं।

पेरेंट्स की सबसे बड़ी गलती — सिर्फ रटवाना

ज्यादातर पेरेंट्स बच्चे से A से Z रटवाते हैं, 1 से 100 गिनवाते हैं, और सोचते हैं कि बच्चा तैयार है। लेकिन असली समस्या तब आती है जब स्कूल में टीचर पूछती है: "बताओ, इसमें कितने सेब हैं?" — और बच्चा जवाब नहीं दे पाता।

क्यों? क्योंकि उसने नंबर रटे हैं, गिनना नहीं सीखा है।

स्कूल जाने से पहले बच्चे को क्या आना चाहिए

1. बोलना — अपनी बात कहना

बच्चा अपना नाम बता सके, मम्मी-पापा का नाम बता सके, और अगर उसे कुछ चाहिए तो बोलकर मांग सके। ये सबसे जरूरी स्किल है।

2. सुनना — ध्यान से सुनना

टीचर कुछ बोले तो बच्चा ध्यान से सुन सके और समझ सके। अगर बच्चा 2 मिनट भी ध्यान से नहीं सुन पाता, तो स्कूल में दिक्कत होगी।

3. बैठना — एक जगह बैठे रहना

स्कूल में बच्चे को 30-40 मिनट एक जगह बैठना पड़ता है। अगर बच्चा ये नहीं कर पाता, तो उसे स्कूल में दिक्कत होगी।

4. पेंसिल पकड़ना — सही तरीके से

बच्चा पेंसिल सही तरीके से पकड़ सके और लाइन खींच सके। अक्षर लिखना जरूरी नहीं, लेकिन पेंसिल पकड़ना आना चाहिए।

5. सवाल पूछना — "क्यों?" पूछना

अगर बच्चा "क्यों?" पूछता है — "आसमान नीला क्यों है?", "पानी गीला क्यों है?" — तो ये अच्छा संकेत है। इसका मतलब है कि बच्चा सोच रहा है।

क्या न करें

  • A, B, C जबरदस्ती रटवाएं — बच्चा बोर हो जाएगा और स्कूल से नफरत करने लगेगा
  • दूसरे बच्चों से तुलना करें — "शर्मा जी का बेटा तो 100 तक गिन लेता है"
  • मोबाइल पर वीडियो दिखाएं — स्क्रीन टाइम बच्चे की ध्यान क्षमता कम करता है
  • जल्दीबाजी करें — हर बच्चे की गति अलग होती है

घर पर कैसे तैयार करें

  • कहानी सुनाएं — और बच्चे से पूछें "फिर क्या हुआ?"
  • खेल-खेल में सिखाएं — गिनती के लिए दाल के दाने गिनवाएं
  • रंग पहचानना सिखाएं — "ये लाल है, ये नीला है"
  • बच्चे से बात करें — दिन में कम से कम 30 मिनट बच्चे से बात करें
  • बाहर खेलने दें — खेलने से बच्चा सबसे ज्यादा सीखता है

JGPS में प्राइमरी एजुकेशन

जय गोविंद पब्लिक स्कूल में नर्सरी से कक्षा 5 तक के बच्चों को खेल-खेल में सिखाया जाता है। हमारा मानना है कि छोटी उम्र में रटना नहीं, समझना जरूरी है। कॉल करें: +91 9412137554

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?अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

3-4 साल की उम्र में नर्सरी में भेज सकते हैं। लेकिन बच्चा मानसिक रूप से तैयार हो — ये ज्यादा जरूरी है।

Nisha

Nisha

Primary Education Expert, JGPS

Nisha प्राइमरी एजुकेशन की एक्सपर्ट हैं। जय गोविंद पब्लिक स्कूल में वे नर्सरी से कक्षा 5 तक के बच्चों को पढ़ाती हैं। उनका मानना है कि छोटी उम्र में सही नींव डालना सबसे जरूरी है।

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