क्या आप सोच रहे हैं कि बच्चे को सैनिक स्कूल में भेजें या राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) में? यह फैसला आसान नहीं है। 90% माता-पिता यह गलती करते हैं कि बिना समझे किसी एक स्कूल का फॉर्म भर देते हैं। फिर बाद में पछताते हैं।
दोनों स्कूल सेना में करियर बनाने का रास्ता देते हैं। लेकिन दोनों में बहुत फर्क है — फीस में, नियमों में, और NDA में जाने की दर में। यह गाइड आपको सही फैसला लेने में मदद करेगी।
सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल — क्या फर्क है?
सैनिक स्कूल भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं। देश में 33 सैनिक स्कूल हैं। यहाँ कोई भी बच्चा आवेदन कर सकता है — चाहे पिता सेना में हो या नहीं।
राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (RMS) भारतीय सेना चलाती है। देश में सिर्फ 5 RMS हैं। यहाँ सिर्फ सेना कर्मियों के बच्चे ही पढ़ सकते हैं। नागरिक (civilian) बच्चों को एडमिशन नहीं मिलता।
पूरी तुलना — एक नज़र में
यह तालिका दोनों स्कूलों का हर अहम पहलू दिखाती है:
| पहलू | सैनिक स्कूल | राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल |
|---|---|---|
| कुल स्कूल | 33 | 5 |
| कौन आवेदन कर सकता है | कोई भी बच्चा | सिर्फ सेना कर्मियों के बच्चे |
| प्रवेश परीक्षा | AISSEE | RMS CET |
| कुल सीटें | ~5,000 | ~750-1,000 |
| सालाना फीस | ₹1,500 — ₹3,000 | ₹1.3 — ₹1.5 लाख |
| NDA में जाने की दर | 30-40% | 70% |
| बोर्ड | CBSE | CBSE |
| लड़कियाँ आवेदन कर सकती हैं | हाँ (2021 से) | नहीं |
सैनिक स्कूल कब चुनें?
अगर आप सेना में नहीं हैं, तो सैनिक स्कूल ही एकमात्र विकल्प है। RMS में आपका बच्चा आवेदन ही नहीं कर सकता।
सैनिक स्कूल की फीस बहुत कम है — सिर्फ ₹1,500 से ₹3,000 प्रति वर्ष। खाना, हॉस्टल, किताबें सब शामिल है। अगर बजट कम है, तो सैनिक स्कूल सबसे अच्छा विकल्प है।
सैनिक स्कूल में लड़कियाँ भी आवेदन कर सकती हैं। 2021 से सभी सैनिक स्कूलों में लड़कियों के लिए प्रवेश खुला है।
मिलिट्री स्कूल (RMS) कब चुनें?
अगर आप सेना, नौसेना, वायुसेना या अर्धसैनिक बल (CRPF, BSF, CISF आदि) में काम करते हैं, तो RMS बेहतर विकल्प है।
RMS की सबसे बड़ी खासियत: 70% छात्र NDA में चुने जाते हैं। यह सैनिक स्कूल (30-40%) से काफी ज़्यादा है। लेकिन RMS की फीस ज़्यादा है — ₹1.3 से ₹1.5 लाख प्रति वर्ष।
5 गलतियाँ जो माता-पिता करते हैं
गलती 1: बिना जाँचे RMS का फॉर्म भरना — अगर आप सेना में नहीं हैं, तो RMS का फॉर्म मत भरें।
गलती 2: फीस नहीं देखना — सैनिक स्कूल मुफ्त जैसा है, लेकिन RMS में ₹1.5 लाख लगते हैं।
गलती 3: एक ही स्कूल की तैयारी करना — दोनों परीक्षाओं का सिलेबस लगभग एक जैसा है। दोनों के लिए तैयारी करें।
गलती 4: लड़कियों के लिए RMS चुनना — RMS में लड़कियाँ आवेदन नहीं कर सकतीं।
गलती 5: NDA रेट नहीं देखना — RMS का NDA रेट 70% है, सैनिक स्कूल का 30-40%।
फैसला — कौन सा स्कूल चुनें?
| अगर आपकी स्थिति यह है | तो यह चुनें |
|---|---|
| सेना में नहीं हैं | सैनिक स्कूल |
| बजट कम है | सैनिक स्कूल |
| लड़की के लिए स्कूल चाहिए | सैनिक स्कूल |
| सेना में हैं और NDA लक्ष्य है | राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल |
| 70% NDA चाहिए | राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल |
मदद चाहिए?
अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि कौन सा स्कूल चुनें, तो JGPS School में फ्री काउंसलिंग उपलब्ध है। कॉल करें: +91 9412137554।




